नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक वीडियो को अस्थायी रूप से हटाए जाने के विवाद के बाद Meta ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने वीआईपी अकाउंट्स के लिए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने का फैसला लिया है। इस मामले में Meta ने भारत सरकार को पत्र भेजकर घटना पर खेद भी जताया है। अब इस पूरे प्रकरण को लेकर सरकार और कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक भी होने वाली है।
सरकार को भेजा पत्र, गलती पर जताया खेद
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि Meta ने सरकार को लिखे पत्र में इस घटना पर खेद व्यक्त किया है और वीडियो हटने के कारणों की जानकारी दी है। सरकार फिलहाल कंपनी की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण का परीक्षण कर रही है।
28 जुलाई के बाद लागू किए गए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय
आईटी सचिव के अनुसार, 28 जुलाई के बाद Meta ने वीआईपी अकाउंट्स के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। सरकार इन नए प्रोटोकॉल और कंपनी की आंतरिक प्रक्रिया की भी समीक्षा कर रही है।
7 से 10 दिनों में होगी हाई लेवल बैठक
इस पूरे मामले के तकनीकी और नीतिगत पहलुओं पर चर्चा के लिए अगले 7 से 10 दिनों के भीतर Meta के वैश्विक अधिकारियों और भारत सरकार के बीच उच्चस्तरीय बैठक प्रस्तावित है। बैठक में सरकार की ओर से उठाए गए सवालों, Meta के जवाब और भविष्य की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
Meta ने ऑटोमेटेड गड़बड़ी को बताया वजह
कंपनी ने प्रधानमंत्री के फेसबुक वीडियो के हटने की वजह एक ऑटोमेटेड तकनीकी गड़बड़ी बताई है। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय इस स्पष्टीकरण से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। इसी कारण मंत्रालय ने Meta के वरिष्ठ वैश्विक अधिकारियों को तलब किया है।
Meta इंडिया हेड के खिलाफ भी दर्ज हुए मामले
इसी बीच हैदराबाद पुलिस ने सीजेपी आंदोलन से जुड़े कथित मॉर्फ्ड कंटेंट के मामले में कुछ फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट संचालकों के साथ Meta इंडिया हेड के खिलाफ भी दो मामले दर्ज किए हैं। पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है।
